खिलाड़ी !!!
खिलाड़ी —
चैंपियन के खून को बनाया जाता है चैंपियन:
खेल किसी के खून में नहीं होता,
कठोर वह स्वयं को इतना बनाता,
बड़े से बड़ा खिलाड़ी पस्त हो जाता,
कोशिश वह इतनी करता,
हार कर भी न पीछे मुड़ता,
मग्न हो जाता वह इतना,
कि छोड़कर सांसारिक जीवन,
वह खेल को अपनाता,
व विश्व नंबर एक बन जाता,
जीवन की आकांक्षाएं त्यागता,
बस ओलंपिक में गोल्ड लाना,
उसका परम ध्येय रह जाता।
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| Tokyo Olympics 2020🙌🇮🇳🇮🇳🇮🇳 |
खेल के महाकुंभ ओलंपिक खेलों में पूरे विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपनी स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ देते हैं। समाज को पता होना चाहिए की चार वर्षों में होने वाले इन खेलों में कोई भी अपना प्रदर्शन खराब नहीं करता केवल कुछ तकनीकी कठिनाई व एकाग्रता भंग होने से एक खिलाड़ी की वर्षों की साधना मानो एक झटके में छिन्न भिन्न हो जाती है।
देशवासियों को खिलाड़ियों का सकारात्मक दिशा में मनोबल बढ़ाना चाहिए व उन्हें और ऊंचे शिखर पर चढ़ने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए।
स्वयं एक खिलाड़ी होते हुए मैंने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है और ये पंक्तियां मैंने 7 सितंबर 2018 को लिखी थीं। आज खेलों के शुभ अवसर पर इन विचारों को सभी के समक्ष व्यक्त किया।🙏🏻🙏🏻

👍
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