कोविड और कॉलेज !!!

कोविड और कॉलेज🏫


ऑफलाइन कक्षाएं - एक स्वप्न 


 हो जाएगा यह कार्य भी,

बीत जाएगा यह समय भी,

और हम भी —

खो जाएंगे कार्य जगत में कभी।


कॉलेज के वो दिन भी,

याद आते हैं आज भी,

साथ होते थे हम कभी,

आशीर्वचन लेते थे सभी,

गुरुओं के समक्ष बैठते थे कभी,

विद्या भी अनोखी लेते थे सभी,

बस और प्रतिक्षा होती नहीं अभी, 

अब जल्द लौटेंगे वे दिन भी।

📋👩‍🏫👨‍🏫👩‍💼👩‍💼👨‍💼🚌



स्व - रचित पंक्तियां जो बालमन की विडंबना को चित्रित करती है कि कैसे शिक्षा एक सुडोल प्रांगण से निकल कर एक कमरे तक ही सीमित हो गई । लेकिन निष्ठुर समय में सदैव आशापूर्ण रहते हुए कार्य में संलग्न रहना चाहिए।

ये पंक्तियां मैंने 10.4.2021 को लिखी थी जब तक ऑनलाइन कक्षाएं सुचारू रूप से चल रही थी और विद्यार्थी ऑफलाइन कक्षाएं लगाने के लिए बेचैन से थे।🙏🏻🙏🏻

आशा है वैश्विक महामारी पर ये संपूर्ण संसार जल्द ही विजय प्राप्त करेगा।🙏🏻





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