हिंदी दिवस।



हिन्दी भाषा


 है हिंदी भाषा में एक मां का प्यार,

बोलने पर होता है संगम भावों का अपार,

जोड़ती है हमारी संस्कृति से हमारे तार,

इसी से तो सीखता है व्यक्ति जीवन का सार।।


हिंदी भाषा का वर्चस्व है इतिहास में,

होता था वार्तालाप हिंदी भाषा में,

बनी थी विद्रोह की आवाज़ स्वतंत्रता संग्राम में,

भारत का अस्तित्व है हिंदी भाषा में।।


हर भाषा की अपनी है पहचान,

लेकिन हिंदी भाषा की निराली है शान,

भारत की यह भाषा है मां के समान,

पूरे विश्व में है इसका तीसरा स्थान।।


है जरूरी अन्य भाषाओं का भी ज्ञान,

हर भारतीय को हो सर्वप्रथम हिंदी का ज्ञान,

वे बढ़ाएं पूरे विश्व में इसका मान,

अब तो अन्य देश भी करते हैं हिंदी का सम्मान।।


है हमारी मातृभाषा में वैज्ञानिकता,

भरी है कूट-कूट कर इसमें नैतिकता,

हर भारतीय सर्वप्रथम इसे सीखता,

लेकिन अन्य भाषाओं की और आकृष्ट हो जाता।।


***यह रचना मेरी स्वरचित मौलिक रचना है।***


14 सितंबर 2021 राष्ट्रीय हिंदी दिवस के सुअवसर पर अपने भावों को व्यष्टी से समष्टि की और ले जाने का प्रयास किया है।

जिस भाषा को आज कम आंका जाता है वही भाषा आजादी के समय उच्चकोटि की भाषा बनी थी और उतना ही समृद्ध इस भाषा का इतिहास है। आज आवश्यकता है की हम हिंदी भाषा के साहित्य से जुड़ें और पुनः किसी भाषा के वश में होकर इस भाषा का अस्तित्व विलुप्त न होने दें।🙏🏻🙏🏻

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