विश्व नदी दिवस।
अगर मैं नदी का पानी होता तो क्या होता ?
मंजिल को पाने मैं हिमालय से निकलता,
चीरकर पत्थर मैं अपना पथ बनाता,
जगह जगह खेतों को पानी पिलाता,
लोगों की प्यास बुझाता,
देश के कईं राज्यों का दौरा
मैं बिना टिकट के करता,
अंत में सागर में मिल जाता-
और अपनी यात्रा का अनुभव —
सब के साथ साझा करता,
अगर नदी का पानी होता तो यह सब होता।
स्वरचित पंक्तियां वर्ष 2018 के पन्नों से
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